ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों में क्या 'साजिश' देख रहे देवेंद्र फडणवीस?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी उन रूपों में से एक है जिनके जरिए ‘अति-वामपंथी अराजकतावादी ताकतें’ फिर से एकजुट हो रही हैं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फोटो : चंद्रदीप कुमार)

कांग्रेस, वामपंथी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि CJP विपक्ष की जगह में खालीपन का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है. 

उन्होंने CJP पर अति-वामपंथी समूहों के साथ मिलकर मौजूदा व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और ‘अराजकता’ फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. राज्य के गृह मंत्री का भी जिम्मा संभाल रहे फडणवीस ने उन अटकलों को खारिज किया कि वे केंद्र सरकार में मंत्री बनने के लिए नई दिल्ली जा सकते हैं.

फडणवीस ने कहा, "कुछ प्रदर्शन वास्तविक होते हैं, जिनमें किसानों, आदिवासियों और छात्रों जैसे लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है. लेकिन कुछ दूसरे प्रदर्शन प्रायोजित होते हैं."

उन्होंने कहा, "CJP के प्रदर्शनों के पीछे की मंशा देखें तो साफ है कि वे कमजोर विपक्ष की वजह से पैदा हुई खाली जगह पर कब्जा करना चाहते हैं. अति-वामपंथी अराजकतावादी ताकतों की एक योजना है. वे अलग-अलग तरीकों से फिर से एकजुट होना चाहते हैं और CJP उन्हीं में से एक रूप है. ये लोग विचारधारा की लड़ाई हार चुके हैं और जानते हैं कि जनता उनकी विचारधारा का समर्थन नहीं करेगी. इसलिए अब वे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं."

फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और CJP संविधान को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने की लड़ाई लड़ने का दावा तो करती हैं लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारत निर्वाचन आयोग (ECI), सुप्रीम कोर्ट और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) जैसी संस्थाओं को बदनाम कर रही हैं. उनका मकसद यह दिखाना है कि संविधान और ये संस्थाएं उन्हें न्याय नहीं दिला सकतीं.

उन्होंने आरोप लगाया, "ये लोग अति-वामपंथी व्यवस्था स्थापित करना चाहते हैं. इस योजना के तहत वे अराजकता वाली व्यवस्था लाना चाहते हैं."

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में CJP के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि उस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियां दी थीं. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में 2,000 से अधिक ऐसे लोग मौजूद थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है.

फडणवीस ने कहा, "अगर ये लोग (CJP) संसद तक पहुंच गए होते, तो दुनिया में यह संदेश जाता कि हमारा लोकतंत्र इतना कमजोर है हमारा देश इतना कमजोर है कि लोग संसद में घुसकर तोड़फोड़ कर सकते हैं."

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे युवा पीढ़ी को उसकी अपनी भाषा और शब्दावली में संबोधित करेंगे ताकि उसे समझा जा सके और उससे संवाद कायम किया जा सके.

उन्होंने कहा, "अगर आप लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, तो आपको हर किसी से संवाद करना चाहिए. हमने अति-वामपंथियों और नक्सलियों से भी बातचीत की है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उनकी विचारधारा से सहमत हैं."

इस दावे को खारिज करते हुए कि जनता का रुझान BJP के खिलाफ हो रहा है, मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी पार्टी की बड़ी जीत का हवाला दिया. ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के बजाय मतपत्रों से कराए गए थे.

फडणवीस ने कहा, "कभी-कभी किसी आंदोलन का कोई नेता नहीं होता. जो लोग खुद को उसका नेता बताते हैं, वे लोगों को नियंत्रित नहीं कर पाते. वे नेता तो बन जाते हैं लेकिन लोग उनके नेतृत्व में लामबंद नहीं होते."

राष्ट्रीय राजधानी में जाने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, "मैं दिल्ली प्रवासी (यात्री) के रूप में जाता हूं, निवासी के रूप में नहीं."

उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी और मेरे नेता चाहते हैं कि मैं महाराष्ट्र में काम करूं. जब समय आएगा तो मैं वहां जाऊंगा. हर चीज का एक समय होता है. फिलहाल मेरा समय महाराष्ट्र में है. बाद में अगर मेरे नेता मुझे दिल्ली आने के लिए कहेंगे तो मैं दिल्ली चला जाऊंगा."

फडणवीस ने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी काम महाराष्ट्र में इस साल अल नीनो के असर से पैदा हुए सूखे से निपटना है.

उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के करीब 75 फीसदी हिस्से में फसलों को नुकसान हुआ है. पीने के पानी की समस्या होगी और मवेशियों के लिए चारे का संकट भी पैदा होगा."

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