ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर नए निर्देश से गफलत
सोमवार (20 अप्रैल) से लॉक-डाउन में सशर्त छूट जारी होने जा रहा है.छूट में ई-कॉमर्स कंपनियां भी शामिल हैं लेकिन गृह मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा गाइड लाइन में इन कंपनियों द्वारा गैर-जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक जारी रहेगी. नए निर्देश में साफ किया गया है कि, ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ जरूरी वस्तुओं की ही आपूर्ति कर सकती हैं.

सोमवार (20 अप्रैल) से लॉक-डाउन में सशर्त छूट जारी होने जा रहा है.छूट में ई-कॉमर्स कंपनियां भी शामिल हैं लेकिन गृह मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा गाइड लाइन में इन कंपनियों द्वारा गैर-जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक जारी रहेगी. नए निर्देश में साफ किया गया है कि, ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ जरूरी वस्तुओं की ही आपूर्ति कर सकती हैं.
नए दिशा निर्देश के बाद इस बात को लेकर गफलत है कि क्या खाना-पीना और दवा के अलावा दूसरी वस्तुएं ई-कॉमर्स कंपनियां नहीं बेच सकती है. मसलन, कपड़े, जूते, मोबाइल, लेपटॉप और इनके उपकरण क्या जरूरी वस्तुओं की सूची में नहीं है.
गृह मंत्रालय से गैर जरूरी वस्तुओं के तहत क्या-क्या आएगा इसकी कोई सूची जारी नहीं की गई है. कुछ कंपनियों की तरफ से यह जानकारी मिली है कि बंद की वजह से इलेट्रॉनिक उपकरणों और उनके पुर्जों की मांग बढ़ने की उम्मीद है. जैसे मोबाईल, लैपटॉप, चार्जर आदि. बंद की वजह से स्कूलों और ज्यादातर कार्योलयों के कामकाज ऑन लाइन चल रहा है.
इसके अलावा सरकार की तरफ से भी कहा जा रहा है कि कोरोना से निपटने के लिए आरोग्य सेतु एप डाउन लोड किया जाए. चूंकि पहली बार बड़े पैमाने पर ऑनलाइन कामकाज शुरू हुए हैं इसलिए लोगों को मोबाईल, लैपटॉप और इनके उपकरणों की जरूरत बढ़ गई है, लेकिन यदि ये आवश्यक वस्तुओं में नहीं हैं तो फिर उनकी आपूर्ति कैसे होगी. कपड़े, जूते जैसे उत्पाद किस श्रेणी में रखे गए हैं इसका भी स्पष्ट जिक्र नहीं है.
हालांकि, गृहमंत्रालय सूत्रों का कहना है कि 15 तारीख को जारी गाइड लाइन सिर्फ 3 मई तक प्रभावी हैं. इसबीच जिन्हे 20 तारीख से छूट दी जा रही है उसमें यदि कोई मुद्दा औपचारिक रूप से आएगा तो सरकार गैर जरूरी और जरूरी वस्तुओं का वर्गीकरण कर कंपनियों को अवगत कराएगा.
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