कम उम्र में बन रहीं मां
राज्य के परिवार-स्वास्थ्य आंकड़ों में विरोधाभास दिख रहा. एक तरफ बाल विवाह घटे, वहीं किशोरावस्था में गर्भधारण के मामले बढ़ गए

Rajasthan
राजस्थान में आबादी से जुड़ा एक विरोधाभास गहराई से पड़ताल मांगता है: बाल विवाह तो घट रहे हैं लेकिन किशोरावस्था में गर्भधारण और प्रजनन दर बढ़ी है. वहीं, कानून 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध को अपराध मानता है. ऐसे में घटते बाल विवाह और बढ़ते किशोर गर्भधारण के बीच आखिर क्या रिश्ता है?
राजस्थान के ताजा परिवार-स्वास्थ्य आंकड़ों ने असहज तस्वीर पेश की है. सर्वे के समय मां बन चुकीं या गर्भवती 15-19 साल की लड़कियों की हिस्सेदारी एनएफएचएस-5 के 3.7 फीसद से बढ़कर एनएफएचएस-6 में 4.7 फीसद हो गई. इसके उलट, 18 साल से पहले शादी कर चुकीं 20-24 साल की महिलाओं का अनुपात 25.4 फीसद से मामूली घटकर 24.6 फीसद हुआ. कुल प्रजनन दर भी प्रति महिला 2.0 से बढ़कर 2.1 बच्चे हो गई.
किशोर गर्भधारण का आंकड़ा खास तौर पर चौंकाता है. एनएफएचएस-4 में यह 6.3 फीसद था, जो एनएफएचएस-5 में घटकर 3.7 फीसद रह गया था. अब इसका बढ़कर 4.7 फीसद होना पुराने रुझान का उलटना है. इसी दौरान बाल विवाह में गिरावट जारी रही, हालांकि पिछले दो सर्वे के बीच यह कमी बहुत मामूली रही.
ये आंकड़े कारण और परिणाम का कोई सीधा रिश्ता साबित नहीं करते. फिर भी अहम सवाल उठता है: अगर 18 साल से पहले कम लड़कियों की शादी हो रही है तो ज्यादा किशोरियां गर्भवती क्यों हो रही हैं?
पहले कम उम्र या बाल विवाह के बाद गौना, यानी वैवाहिक संबंध की शुरुआत, देर से होता था. अब शादी अक्सर 18 साल के आसपास टल रही है, लेकिन गौना भी साथ ही हो जाता है. इससे कम उम्र में गर्भधारण के मामले बढ़ रहे हैं.
इसका एक संकेत एनएफएचएस-6 के दूसरे आंकड़े में मिलता है. राजस्थान में विवाहित महिलाओं के बीच आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल 62.1 फीसद से घटकर 57.1 फीसद रह गया.
पारंपरिक तरीकों पर ज्यादा निर्भरता के कारण गर्भनिरोधकों का कुल इस्तेमाल जरूर बढ़ा है. आधुनिक साधनों की कमी किशोर गर्भधारण बढ़ने से जुड़ी हो सकती है, हालांकि सर्वे इसे कारण साबित नहीं करता.
भारत के कानूनी ढांचे में ये आंकड़े और पेचीदा हो जाते हैं. राजस्थान में 18 साल से पहले शादी करने वाली महिलाएं कम हुई हैं, फिर भी 15-19 साल की ज्यादा लड़कियां गर्भवती या मां हैं. पॉक्सो कानून के तहत 18 साल से कम उम्र का हर व्यक्ति बच्चा है और शादी होने से सामान्य छूट नहीं मिलती.
बच्चे के साथ यौन संबंध यौन अपराध के दायरे में आता है. यानी किसी लड़की की शादी कानूनी ढंग से हुई हो या सामाजिक मान्यता वाला गैर-कानूनी बाल विवाह हो, 18 साल से कम उम्र में कानून उसे बच्चा ही मानेगा. लेकिन उतनी उम्र में उसका गर्भधारण यौन संबंध की पुष्टि करता है.
इससे शादी, यौन संबंध और गर्भनिरोधकों तक पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. हालांकि जयपुर की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सौम्या शर्मा बताती हैं कि दोनों संकेतक एक ही आबादी या स्थिति नहीं मापते. बाल विवाह का आंकड़ा 20-24 साल की महिलाओं से पूछता है कि क्या उनकी शादी 18 से पहले हुई थी.
गर्भधारण का आंकड़ा सर्वे के समय मां बन चुकीं या गर्भवती 15-19 साल की लड़कियों को मापता है. वे कहती हैं, “पहले आंकड़े में गिरावट का मतलब यह नहीं कि किशोर गर्भधारण भी अपने-आप घटेगा.” उनके मुताबिक, घर-घर चल रही जनगणना के नतीजे एनएफएचएस-6 के निष्कर्ष बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकते हैं.
इसलिए राजस्थान में बहस बाल विवाह की गिनती से आगे जानी चाहिए. क्या वे किशोरियां, जो अब बाल विवाह के पारंपरिक आंकड़ों में नहीं आ रहीं, फिर भी इतनी जल्दी शादी या यौन संबंधों में प्रवेश कर रही हैं कि 18 साल से पहले गर्भवती हो जाएं? हां, तो क्या उन्हें गर्भनिरोधक, स्वास्थ्य सलाह और यौन शोषण से पर्याप्त सुरक्षा मिल रही है?
एक और आंकड़ा देश के रुझान से उलट है. राजस्थान की कुल प्रजनन दर एनएफएचएस-5 से एनएफएचएस-6 के बीच 2.0 से मामूली बढ़कर 2.1 हो गई, जो आबादी को स्थिर रखने के स्तर के आसपास है. इससे पहले यह एनएफएचएस-4 के 2.4 से तेजी से घटकर 2.0 हुई थी.
जयपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर और जनसंख्या विशेषज्ञ डॉ. हरचंद राम कहते हैं, “प्रजनन दर में बढ़ोतरी बहुत मामूली है. इसकी पुष्टि और कोई निष्कर्ष निकालने के लिए हमें जनगणना तथा आगे के विश्लेषण का इंतजार करना चाहिए.”
शर्मा इस मामूली इजाफे के कई संभावित कारण बताती हैं: शादी के बदलते रुझान, शादी के तुरंत बाद गर्भधारण, गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल और उपलब्धता तथा कुछ इलाकों में कम उम्र के गर्भधारण की अधिकता.
वे कहती हैं, “इस रुझान पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि घटती जन्म दर से निबटने के लिए हाल में सुझाया जा रहा कम उम्र का मातृत्व महिलाओं को उच्च शिक्षा और संगठित रोजगार से जोड़ने की सारी कोशिशों को बेअसर कर सकता है.”