गहलोत पर हार्दिक का बाउंसर
अशोक गहलोत का प्रदर्शन इतना खराब है कि पार्टी अगले विधानसभा चुनावों में 10 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी. शर्मा ने पलटवार करते हुए हार्दिक की विश्वसनीयता और कद पर सवाल उठाए हैं तथा ऐसी किसी भी चर्चा से साफ इनकार किया है

हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हार्दिक पटेल पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी अपनी पूर्व पार्टी को नुक्सान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने खुलासा किया कि गुजरात के कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने उन्हें बताया था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का प्रदर्शन इतना खराब है कि पार्टी अगले विधानसभा चुनावों में 10 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी. शर्मा ने पलटवार करते हुए हार्दिक की विश्वसनीयता और कद पर सवाल उठाए हैं तथा ऐसी किसी भी चर्चा से साफ इनकार किया है. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि शर्मा को गुजरात का प्रभारी केवल इसलिए बनाया गया था क्योंकि आलाकमान उन्हें राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटाना चाहता था.
मुसलमानों के लिए जगह नहीं
उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से घनश्याम लोधी को उतार कर भाजपा ने कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के संसद जाने का रास्ता बंद कर दिया है. उन्हें झारखंड से भी फिर राज्यसभा नहीं भेजा गया. 1990 के बाद पहली बार भाजपा के पास संसद में कोई मुस्लिम चेहरा नहीं होगा. पार्टी सैयद जफर इस्लाम और एम.जे. अकबर को भी फिर से संसद नहीं भेज रही है. मुसलमानों की बड़ी आबादी वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में भी भाजपा के पास कोई मुस्लिम विधायक नहीं है.
कहीं पे निशाना
भाजपा की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने पिता गोपीनाथ मुंडे की पुण्यतिथि पर 3 जून को महाराष्ट्र के बीड स्थित गोपीनाथ मुंडे स्मारक आने को राजी कर लिया. लेकिन, बात बस इतनी सी नहीं है. पंकजा मध्य प्रदेश की सह-प्रभारी हैं, जहां अगले साल चुनाव होने हैं. वे और चौहान, ओबीसी समुदाय से हैं. दोनों राज्यों में ओबीसी आरक्षण पर राजनीति गरम है और माना जा रहा है कि चौहान को बीड लेकर जाने के पीछे पंकजा का मकसद जुलाई में होने वाले महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में अपनी उम्मीदवारी के लिए मजबूत समर्थन हासिल करना था.
आगे की सोच
पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले गरीब छात्रों के लिए परिवहन और आवास की सुविधाओं का प्रबंध करते रहे हैं. सोशल मीडिया पर मदद मांगने वाले युवाओं को वरुण खुद जवाब देते हैं. भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी में दरकिनार कर दिए गए वरुण के ये सारे पैंतरे प्रासंगिक बने रहने के लिए हैं. लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के परिवारों के लिए न्याय की मांग करने के बाद तीन बार के इस सांसद को पिछले साल भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटा दिया गया था.
इन्हें सब पता रहता है
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन राज्य में छापेमारी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोई 'आधिकारिक ब्रीफिंग' नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं. उनकी पार्टी झामुमो ने आरोप लगाया है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ईडी की कार्रवाई के बारे में पहले ही ट्वीट कर देते हैं. दुबे इन आरोपों का खंडन कर रहे हैं, लेकिन ईडी के निष्कर्षों को लेकर उनके ट्वीट की खूब चर्चा है. झारखंड के एक राजनेता की 54 करोड़ रुपए की संपत्तियों से लेकर मुख्यमंत्री के सलाहकार के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बारे में ट्वीट करके दुबे ने ट्विटर पर पारा चढ़ा रखा है.
—साथ में रोहित परिहार, अनिलेश एस. महाजन, किरण डी. तारे, प्रशांत श्रीवास्तव और अमिताभ श्रीवास्तव