समाचार सारः नेता और नेताजी
गणतंत्र दिवस की झांकी को नामंजूर किए जाने से केंद्र के खिलाफ गुस्से से उबल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हार मानने को तैयार नहीं हैं

बीते अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की 25 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान करके एक किस्म का तख्तापलट ही कर दिया था.
बोस की 125वीं जयंती पर 23 जनवरी को इंडिया गेट के नजदीक चुनी गई जगह पर उन्होंने होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण भी कर दिया.
मगर नेताजी को दिखाने वाली राज्य की गणतंत्र दिवस की झांकी को नामंजूर किए जाने से केंद्र के खिलाफ गुस्से से उबल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हार मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने आनन-फानन कई घोषणाएं कर डालीं.
इनमें तीन विश्वविद्यालयों के नाम नेताजी के नाम पर रखना, आजाद हिंद स्मारक बनाना, आजादी की लड़ाई के नायकों का संग्रहालय बनाना और बोस की जयंती पर हर साल समारोह करना भी शामिल है.
बोस के बारे में कभी कहा जाता था कि वे ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हैं जिन्हें भारत भूल गया पर अब तो ऐसा नहीं लगता.