गेम चेंजर | शेफाली वर्मा, 22 वर्ष |भारतीय क्रिकेटर रोहतक, हरियाणा
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : आइसीसी महिला टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में फिलहाल सातवें स्थान पर मौजूद शेफाली वर्मा 2025 के वनडे वर्ल्ड कप में चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में आई थीं. बल्ले और गेंद, दोनों से उनका करिश्माई प्रदर्शन भारत को टूर्नामेंट जिताने में निर्णायक साबित हुआ

शेफाली वर्मा (फोटो- बंदीप सिंह)
बेहतरीन टाइमिंग वाले लॉफ्टेड ड्राइव, गोली-सी गति वाले कट शॉट और जोरदार छक्के, जो सामने वाली टीम के गेंदबाजों का मुंह लटका दे. ऐसे ही तेवरों ने शेफाली वर्मा की पहचान एक खतरनाक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में बनाई है. उनके पीछे के दृढ़ संकल्प की कहानी अब सबके लिए जानी-पहचानी है.
एक छोटे-से शहर के जौहरी संजीव ने अपनी बेटी शेफाली में छिपे अनगढ़ हीरे को पहचानने में गलती नहीं की. कई अकादमियों ने लड़की होने की वजह से उन्हें लेने से मना किया तो पिता ने नौ साल की बेटी को लड़के के भेष में एक स्थानीय अकादमी में दाखिला दिलाया.
2019 में 15 वर्ष की उम्र में शेफाली को पहली बार भारतीय टीम में बुलावा मिला—अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय क्रिकेटर के रूप में. यह रिकॉर्ड हाल ही वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा. दो साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू में वे शतक से महज चार रन दूर रह गईं.
2024 में उन्होंने महिला क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज टेस्ट शतक लगाया और फिर उसे दोहरे शतक में तब्दील किया. 2023 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले आइसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाई.
वे कहती हैं, “भारत अंडर-19 टीम का कप्तान बनना मेरे लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट था. इससे मुझे जिम्मेदारी लेने और खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ने का मौका मिला.” कामयाब होने का फौलादी इरादा ही शेफाली की बेखौफ बल्लेबाजी का इंजन है—2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम से बाहर किए जाने पर भी उन्होंने लगातार ट्रेनिंग का सहारा लिया.
फिर किस्मत ने करवट लीः एक चोटिल खिलाड़ी की जगह आखिरी समय पर टीम में बुलावा मिला और शेफाली ने नॉकआउट्स में चमक बिखेर दी. फाइनल में उन्होंने मैच जिताने वाली 87 रन की पारी और दो अहम विकेटों के साथ भारत को जीत दिलाई. वे कहती हैं, “ऐसा लगा जैसे जिंदगी ने मुझे एक और मौका दिया है, और मुझे उसका पूरा फायदा उठाना था.”
शेफाली अपने साथ एक्स-फैक्टर लाती हैं, वह भी खामोश, क्लिनिकल ताकत के साथ. अभी वे सिर्फ 22 साल की हैं और अगले कई वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करेंगी.
खेल करिअर के अनिवार्य उतार-चढ़ाव दूसरी महिलाओं के लिए उनकी सलाह को आकार देते हैं. “हमेशा खुद पर भरोसा रखिए. कठिन समय आएगा, और हर चीज आपके हिसाब से नहीं होगी लेकिन किसी एक झटके को अपना भविष्य तय मत करने दीजिए.”