इंडिया टुडे बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026: सांचों को तोड़कर बढ़ाया कद
शोध और विविध धाराओं को मिलाकर कराए जाने वाले अध्ययन पर बढ़ाया जोर. इसी पहलू ने किरोड़ीमल कॉलेज को दिल्ली विवि के अग्रणी साइंस कॉलेजों के बीच खास पहचान बनाने में मदद की

केएमसी में जूलॉजी की पढ़ाई
साइंस में सर्वाधिक सुधार वाला किरोड़ीमल कॉलेज है. दशकों से किरोड़ीमल कॉलेज (केएमसी) को दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे जीवंत कॉलेजों में से एक माना जाता रहा है. इसने कई बेहतरीन अभिनेता, लेखक, नौकरशाह, उद्यमी और बुद्धिजीवी दिए हैं. हालांकि, अब इसके साथ एक और नया पहलू जुड़ रहा है: साइंस की पढ़ाई के लिए किरोड़ीमल कॉलेज का एक बेहतरीन और गंभीर संस्थान के रूप में उभरना.
1954 में स्थापित इस कॉलेज में एक लंबे समय से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी और लाइफ साइंसेज जैसे विषयों में बेहतरीन कोर्स उपलब्ध रहे हैं. लेकिन अब जबकि रिसर्च और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर खास जोर दिया जाने लगा है तब केएमसी दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप साइंस कॉलेजों के बीच एक खास पहचान बनाने में सफल रहा है.
कॉलेज ने पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स) विषयों में कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी की है, वहीं साइंस सेतु जैसे कार्यक्रमों ने पढ़ाई और व्यावहारिक रिसर्च के बीच दूरी घटाने का काम किया है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के ठीक बीच में होने की वजह से केएमसी के साइंस छात्रों को देश के सबसे समृद्ध शैक्षणिक माहौल में रहने का मौका मिलता है. बड़े रिसर्च संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं और यूनिवर्सिटी के प्रमुख विभाग सब कुछ एकदम नजदीक हैं. इससे छात्रों को इंटर्नशिप और सहयोगी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने के अवसर भी मिलते हैं.
पिछले कुछ समय से डिसएबिलिटी रिसर्च, सहायक तकनीक और समावेशी स्टेम शिक्षा जैसे क्षेत्रों में की जा रहीं पहल दिखाती हैं कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक ज्ञान का सहारा लेने की रुचि लगातार बढ़ रही है. प्रोजेक्ट समावेश (दृष्टिबाधित छात्रों को सशक्त बनाने के लिए डिजाइन) और प्रोजेक्ट अनुसंधान (डिसएबिलिटी रिसर्च को सामाजिक बदलाव का साधन बनाने का लक्ष्य) जैसे कार्यक्रमों ने रिसर्चर्स, छात्रों और विशेषज्ञों को साथ लाने का काम किया है. इसका उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और सार्वजनिक नीतियां मिलकर लोगों का जीवन कैसे बेहतर बना सकें, यह पता लगाना है.
इसके अलावा यहां विज्ञान के छात्र एक ऐसे सांस्कृतिक माहौल में पढ़ते हैं जहां लेक्चर के तुरंत बाद वे थिएटर की रिहर्सल कर सकते हैं. यह कैंपस अमिताभ बच्चन सरीखे दिग्गजों को तैयार करने के लिए ख्यात रहा है. कई मायनों में वैज्ञानिक अनुशासन और बौद्धिक खुलेपन का यह अनूठा संगम ही किरोड़ीमल कॉलेज की सबसे बड़ी ताकत बन रहा है. स्नातक स्तर की पढ़ाई में रिसर्च के बढ़ते दौर में किरोड़ीमल कॉलेज खुद को साइंस डिग्री देने वाले कॉलेज से आगे एक ऐसी जगह के रूप में स्थापित कर रहा है.
इंडिया टुडे के बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026:
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