इंडिया टुडे बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026: नजरिया बनता यहां फैशन का

तीन दशक पुराना निफ्ट हैदराबाद अब क्लासरूम में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी ला रहा जिससे छात्रों की प्रैक्टिकल स्किल्स बेहतर बने और वे बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकें.

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजीलॉजी, हैदराबाद के छात्र

फैशन डिजाइन: सर्वाधिक सुधार वाला कॉलेज* नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजीलॉजी, हैदराबाद

कई दशक से भी पहले निफ्ट हैदराबाद जब अपने नए, स्थायी परिसर में शिफ्ट हुआ तो उस समय यह शहर के बाहरी इलाके माधापुर में था. सड़क के ठीक दूसरी ओर उसके सबसे नजदीक सिलिंडरनुमा साइबर टावर्स थे. सिलिंडर के आकार की ये इमारत तब के अविभाजित आंध्र प्रदेश में उभरते आइटी उद्योग के लिए बनाई गई थी और छह महीने पहले ही, नवंबर 1998 में इसका उद्घाटन हुआ था.

इसके बगल में राज्य सरकार ने कला और शिल्प ग्राम शिल्परामम बनाया. तब से यह ग्राम भारतीय कलाओं के कौशल और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए रखने में मदद करता आ रहा है. निफ्ट हैदराबाद भी फला-फूला. उसे पड़ोस की परंपरा और टेक्नोलॉजी की इस संगम धार से फलने-फूलने की प्रेरणा मिली.

इसे भारत में निफ्ट परिसरों की बहुप्रतीक्षित 'दूसरी लहर’ के दौरान 1995 में शुरू किया गया था. यहां फैशन टेक्नोलॉजी में बैचलर, मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री दी जाती है. संस्थान का प्रमुख कोर्स चार-वर्षीय बैचलर ऑफ डिजाइन का है जिसमें फैशन डिजाइन, फैशन कम्युनिकेशन, टेक्सटाइल डिजाइन, निटवेअर डिजाइन और फैशन/लाइफस्टाइल एक्सेसरी डिजाइन जैसे लोकप्रिय करियर की राह निकलती है.

अधिकारियों का कहना है, इससे दक्षिणी भारत में बढ़ते रिटेल उद्योग की जरूरतें काफी हद तक पूरी होती हैं. संस्थान चार साल की बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और दो साल की फैशन मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री देता है.

निफ्ट हैदराबाद की अच्छे से तैयार की गई ये पहल छात्रों को तेलंगाना के समृद्ध विरासत शिल्प केंद्रों से जोड़ती है. इन विरासत में इकत की पोचमपल्ली, साड़ियों के लिए गडवाल, धातु शिल्प के लिए पेम्बर्ती और स्क्रॉल पेंटिंग के लिए चेरियाल शामिल हैं. यह परिसर वास्तुकला की भव्यता, सीढ़ीनुमा टेरेस और स्थानिक डिजाइन की विविधता के लिए जाना जाता है.

पर अब यह उस दौर में है जिसे शिक्षक मॉडर्नाइजेशन कहते हैं. यहां ऐसे एडवांस्ड सॉफ्टवेयर सुइट्स, स्मार्ट लैब और करिकुलम कोर्सेज शुरू हो रहे हैं जो 3डी वर्चुअल क्लोदिंग सिमुलेशन, एआइ टूल और यूआइ/यूएक्स डिजाइन को प्रमुख कोर्सों से जोड़ते हैं. आदित्य बिरला और हाइडिजाइन जैसी नामी कंपनियों में नौकरी पाने वाले यहां के छात्रों को अभी औसतन 8 लाख रुपए का सालाना पैकेज मिल रहा है.

बी. डेज (फैशन डिजाइन) की थर्ड ईयर स्टुडेंट नंदिनी त्रिपाठी कहती हैं, ''मेरे लिए निफ्ट हैदराबाद फैशन डिजाइन स्कूल से कहीं ज्यादा है. इसने मुझे सिखाया है कि अपनी सोच पर सवाल कैसे उठाया जाए, हर दिन खुद को कैसे चुनौती दी जाए. हमें सिखाया जाता है कि अच्छा डिजाइन लोगों पर रौब जमाने के लिए नहीं, बल्कि उस वर्ग की जरूरतों को अभिव्यक्त करने वाला होना चाहिए जिसके लिए हम काम कर रहे हैं.’’

कुछ पूर्व छात्रों के लिए निफ्ट हैदराबाद आज भी दूसरे घर जैसा है. हैदराबाद में अपने नाम वाले लेबल की संस्थापक और क्रिएटिव हेड मृणालिनी राव बताती हैं, ''इस जगह से मैं आज भी जुड़ी हुई हूं.’’

राव बताती हैं कि अपने पैशन को पूरा करने और निफ्ट में दाखिले के लिए उन्होंने परिवार से लड़ाई की और मेडिकल का एडमिशन छोड़ दिया. तब से उन्होंने सामंता, रश्मिका मंदाना, कियारा आडवाणी, विद्या बालन, पी.वी. सिंधु, स्मृति मांधना, तिलक वर्मा और ईशान किशन जैसी कई मशहूर हस्तियों के कॉस्ट्यूम डिजाइन किए हैं.

राव कहती हैं, ''मैंने डिजाइन स्कूल के उन चार सालों का भरपूर मजा लिया. मैं आज भी कॉलेज से जुड़ी हुई हूं और गेस्ट लेक्चर देती हूं.’’ अब उनकी इच्छा है कि वे किसी दिन पीएचडी करने वापस कैंपस जाएं. 

इंडिया टुडे के बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026:

देशभर के 1,800 से अधिक संस्थानों की 14 प्रमुख स्ट्रीम्स में रैंकिंग, साथ में कोर्स, प्लेसमेंट और कैंपस लाइफ का विस्तृत विश्लेषण पढ़िए इंडिया टुडे के इस विशेषांक में. भारत के बेस्ट फैशन डिजाइन कॉलेज कौन-से हैं? पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें- https://bestcolleges.indiatoday.in/full-rankings

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