विशेषांकः विकास इंजन को गति

कोविड संकट ने हरियाणा के तेजी से विकास करने वाले शहरों के उद्योगों को काफी चोट पहुंचाई, लेकिन राज्य ने इसका मुकाबला करने के लिए उपाय किए.

विकास को दिशा पंचकूला में हर हित स्टोर स्कीम शुरू करते मुख्यमंत्री खट्टर
विकास को दिशा पंचकूला में हर हित स्टोर स्कीम शुरू करते मुख्यमंत्री खट्टर

हरियाणा: उद्यमिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले बड़े राज्य

वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से निकटता हरियाणा के लिए लाभकारी मानी जाती थी. राजधानी के सैटेलाइट शहर फरीदाबाद और गुरुग्राम में 500 कंपनियों के कंट्री हेडक्वार्टरों के लिए लगभग 300 विशाल आवासीय टावर हैं.

लेकिन महामारी और उसके बाद तालाबंदी के बीच यह राज्य के लिए लगभग एक बड़ा सिरदर्द बन गया. उन्हें और उनके सहायक उद्योगों को बचाए रखने के लिए हरियाणा को अपनी जेब ढीली करनी पड़ी. राज्य में 2,16,115 एमएसएमई भी हैं.

विशेषांकः विकास इंजन को गति

हरियाणा ने व्यावसायिक विवादों को समाप्त करने में मदद के लिए 'विवादों का समाधान’ पहल शुरू की. यह कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, गोदाम और रसद, फार्मास्यूटिकल्स और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों पर भी काम कर रहा है.

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की रैंकिंग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में व्यापार सुगमता के मामले में हरियाणा 14वें स्थान से बढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. मंत्रालय के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि हरियाणा में प्रति लाख आबादी पर 8.5 स्टार्ट-अप हैं, राज्य में बैंकों ने प्रति हजार निवासियों पर 25.9 लाख रुपये का कर्ज दिया और प्रति लाख आबादी पर 2,118 व्यक्ति कुशल श्रमिक हैं.

इन कारकों ने उद्यमियों में विश्वास पैदा किया है. राज्य ने स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र में प्रति माह 50,000 रुपये से कम वेतन वाली 75 फीसदी नौकरियों को आरक्षित करने का एक नया कानून पारित किया. इससे जहां निवेशकों में कोहराम मच गया, वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा.

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