विशेषांकः युवा शक्ति

युवा कांग्रेस की टोली ने अपने संपर्कों के जरिए संकट में फंसे कोविड मरीजों को मदद मुहैया कराई

ताकि सांस न रुके युवा कांग्रेस का एक कार्यकर्ता दिल्ली के एक घर में ऑक्सीजन पहुंचाते हुए
ताकि सांस न रुके युवा कांग्रेस का एक कार्यकर्ता दिल्ली के एक घर में ऑक्सीजन पहुंचाते हुए

जब गुरुग्राम की फ्रीलांस राइटर शिल्पी सिंह और उनके परिवार को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने 15 अप्रैल को मदद की गुहार लगाते एक ट्वीट किया. उस ट्वीट पर भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. की नजर पड़ी और दो घंटे में शिल्पी, उनके पति अजय और दो बच्चों को दिल्ली के नरेला के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था. शिल्पी कहती हैं, ''उन्होंने हमें अस्पताल में भर्ती कराया और हालचाल भी पूछते रहे.''

जब पिछले साल कोविड -19 की पहली लहर भारत में आई तो युवा कांग्रेस के वॉलंटियरों ने मास्क और पीपीई किट बांटे और हजारों प्रवासी श्रमिकों को खाना खिलाया. इस साल 7 मार्च को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वॉलंटियरों से कोविड की दूसरी लहर के लिए तैयार रहने को कहा था.

अस्पताल के बिस्तर और ऑक्सीजन के लिए भटक रहे लोगों के साथ, देशभर में 1,000 वॉलंटियरों का एक कोर समूह संपर्क में था. उन्होंने अस्पतालों, ऑक्सीजन और आइसीयू बेड और वेंटिलेटर का एक डेटाबेस बनाना शुरू किया ताकि जैसे ही कोई बिस्तर खाली हो, किसी जरूरतमंद को तुरंत उसकी जानकारी दी जा सके. श्रीनिवास कहते हैं, ''लोग बड़े अस्पतालों के सामने लाइन में लगकर घंटों इंतजार करते रहे. हमारे वॉलंटियर वहां लोगों को उन अस्पतालों के बारे में जानकारियां दे रहे थे जहां बिस्तर उपलब्ध थे. तत्काल चिकित्सा सहायता ने कई लोगों की जान बचाई.''

कई मरीज जो अस्पतालों में भर्ती नहीं हो सके, लेकिन उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए युवा कांग्रेस से संपर्क किया. युवा कांग्रेस ने रोगियों की गंभीरता के आधार पर मदद में प्राथमिकता दी. बाद में, जब युवा कांग्रेस के प्रयासों की चर्चा होने लगी, तो स्वस्थ हो चुके कई मरीजों ने अपने ऑक्सीजन सिलिंडर संगठन को दान कर दिए. युवा कांग्रेस ने उन 100 से अधिक का अंतिम संस्कार भी किया, जिनका कोई नहीं था.

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