फौजियों का रखवाला

आनंद का सपना अब देश भर में कौशल विकास केंद्र खोलना है.

विक्रम शर्मा
विक्रम शर्मा

मुकेश आनंद जबलपुर में मोटरगाडिय़ों के कलपुर्जों का कारोबार करते थे और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे. 1999 में करगिल जंग के फौरन बाद एक जनरल ने उन्हें दिल्ली बुलाया. सेना उस वक्त करगिल जंग में घायल 600 से ज्यादा जवानों को फिर से बसाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी. इनमें ज्यादातर के अंग भंग हो चुके थे. पुनर्वास के काम में मदद के लिए सेना ने कई एनजीओ से संपर्क किया. आनंद अपना कारोबार छोटे भाई के हवाले करके दिल्ली आ बसे. आज वे अकेले अपने दम पर एनजीओ "मिशन विजय'' चलाते हैं और रिटायर जवानों को फिर से बसाने में मदद करते हैं.

उनकी मदद का पहला फायदा सिपाही ओम प्रकाश को मिला. करगिल जंग के दौरान तुरतुक में जंग के दौरान पाकिस्तानी बारूदी सुरंग से उनका दायां पैर उड़ गया था. राजपूत रेजिमेंट की तीसरी बटालियन के इस जवान ने अपने पैर के घायल छोर पर अपनी राइफल को साफ करने वाले तार से खून रोकने वाली डिवाइस बांध रखी थी और डॉक्टरी मदद के लिए कई किलोमीटर घिसटकर गए थे.

जयपुर फूट और रिटायरमेंट पर मिलने वाले फायदों के साथ वे साल 2000 में सेना से कार्यमुक्त हो चुके थे और हरियाणा के गाजियाबाद जिले के पाली गांव में नीरस जिंदगी मुंह बाए खड़ी थी. तभी आनंद ने उन्हें एक छोटी-सी सॉक्रट ड्रिंक डिस्ट्रिब्यूशन एजेंसी दिलवा दी. दुकान में इंजन ऑइल भी रख लिया गया. शुरुआत धीमी रही, पर जल्दी ही गांव के लोग जिले में "घायल सिपाही'' की चलाई जा रही इस दुकान पर आने लगे.

18 साल बाद ओम प्रकाश ने अपने खुदरा कारोबार में चार डंपर ट्रक जोड़ लिए हैं, एक पेट्रोल पंप खोलने का मंसूबा बना रहा है और अपने बेटे को फौजी अफसर बनाने का सपना देखता है. फौज में कर्नल के बेटे आनंद कहते हैं, "विचार यह है कि जवानों को अपनी बचत का एक हिस्सा लगाकर छोटा-मोटा कारोबार शुरू करना और फिर उसे धीरे-धीरे बढ़ाना सिखाया जाए.''

निजी क्षेत्र में अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करके आनंद अक्षम जवानों और जंग में विधवा हुई औरतों को उनके गांवों-शहरों में फिर से बसाने में मदद करते हैं. लिहाजा, 2004 में कैंसर से पति मेजर विनीत झा को गंवा बैठी पुष्पम झा भागलपुर में हीरो मोटोकॉर्प की सब-डीलर हैं. हवलदार रणबीर सिंह यूपी के मैनपुरी में लुब्रीकेंट, कलपुर्जों और जीप के डीलर हैं. सूबेदार मेजर सहदेवन केरल के पलक्कड में हीरो मोटोकॉर्प के सब-डीलर हैं तो नायक राजकुमार राजस्थान के महेंद्रगढ़ में टायर डीलर हैं.

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