5जी नेटवर्कः तेज इंटरनेट की नई परिभाषा
भारत के 5जी के जलसे में शरीक होने में हालांकि देरी हुई, लेकिन घरेलू बाजार में ग्राहकों की संख्या के चलते उसके इस क्षेत्र का अग्रणी खिलाड़ी बनने का अच्छा अवसर है

5जी नेटवर्कः खिलाड़ी बनने का अच्छा अवसर
कल्पना कीजिए आप अपने मोबाइल फोन पर लाइव क्रिकेट मैच बिना किसी रुकावट (या नेटवर्क विलंब) के वास्तविक समय पर (यानी ठीक उसी वक्त जब खेला जा रहा है) देख पा रहे हैं—या अपने शहर के एक छोर से दूसरे छोर की यात्रा करते हुए बिना किसी व्यवधान के ऐसा कर पा रहे हैं. अगर भारत की टेलीकॉम कंपनियां अपने 5जी नेटवर्क बगैर किसी बाधा के शुरू कर पाएं तो यह देश में हकीकत बन सकता है. अभी स्थिति यह है कि केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने विभिन्न कंपनियों को अपनी टेक्नोलॉजी के परीक्षण और पुष्टि के लिए परीक्षण स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया है और जुलाई तक 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी का इरादा है.
डीओटी के मुताबिक, 5जी सेवा पहले 13 शहरों—दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलूरू, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, जामनगर, अहमदाबाद, चेन्नै, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे और गांधीनगर—में मुहैया कराई जाएगी. भारत की तीन शीर्ष टेलीकॉम कंपनियों—रिलायंस जिओ, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया—ने कुछ शहरों में 5जी परीक्षण स्थल स्थापित किए हैं, ताकि यह पक्का कर सकें कि इस साल ऑनलाइन लाए जाने वाले स्पेक्ट्रम और इन्फ्रास्ट्रक्चर (ऑप्टिक फाइबर केबल वगैरह) का इस्तेमाल करने के लिए वे युद्ध स्तर पर तैयार हों.
सितंबर 2021 में 42.95 करोड़ ग्राहकों के साथ भारत के सबसे बड़े सेल्युलर ऑपरेटर रिलायंस जिओ ने कहा है कि उसने 1,000 शहरों में इसके कवरेज की योजनाएं पूरी कर ली हैं. उसका रोलआउट मॉडल सटीक कवरेज योजना के जरिए ग्राहक खपत राजस्व के लक्ष्य पर आधारित है. भारती एयरटेल ने नवंबर में कोलकाता के बाहरी इलाकों में नोकिया के साथ भागीदारी में 5जी का परीक्षण किया. वहीं, वोडाफोन आइडिया ने दिसंबर में गांधीनगर में ऐसे ही परीक्षण किए. खबरों के मुताबिक, भारत में 5जी के रोलआउट में आसानी की खातिर अगले दो साल में 8,00,000 नए मोबाइल टावर लगाए जाएंगे. फाइबर ऑप्टिक केबल का इस्तेमाल कर 70 फीसद टावरों को मार्च 2024 तक जोड़ने की योजना भी है. अभी इनमें से मात्र 34 फीसद ही जुड़े हैं.
अमेरिका स्थित टेलीकॉम नेटवर्क कंपनी वायावी सॉल्यूशंस के एक अध्ययन के मुताबिक, फरवरी 2021 में दुनिया भर के 61 देशों के 1,336 शहरों में व्यावसायिक 5जी सेवा उपलब्ध थी. एक साल के भीतर यह भारी बढ़ोतरी थी क्योंकि उससे पिछले साल महज 376 शहरों में यह टेक्नोलॉजी मौजूद थी. 5जी से जुड़े सबसे ज्यादा शहरों की सूची में चीन शीर्ष पर था और उसके बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया थे. अध्ययन के मुताबिक, इसी क्रम में अन्य देशों के साथ ब्रिटेन, स्पेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इटली और फ्रांस थे.
टेलीकॉम संचालकों और उपकरण प्रदाताओं के अनुसार 5जी के तीन बड़े फायदे-हाइ बैंडविड्थ, प्रतिक्रिया का कम समय और ज्यादा कनेक्शन दे पाने की क्षमता हैं. जहां तक बैंडविड्थ की बात है, 4जी प्रति सेकंड करीब 200 मेगाबाइट (एमबी) डेटा संभालता है, वहीं 5जी प्रति सेकंड एक गीगाबाइट (1,000 एमबी) या उससे भी अधिक डेटा हैंडिल कर सकता है. जब प्रतिक्रिया में लगने वाले समय—यानी लिंक पर क्लिक करने के बाद पेज या वीडियो का लोड होना शुरू होने के समय—की बात आती है, तो 4जी में 100 मिलीसेकंड लगते हैं जबकि 5जी एक मिलीसेकंड या वास्तविक समय में यह काम कर देता है. 5जी नेटवर्क बहुत अधिक कनेक्शन भी संभाल सकते हैं—मौजूदा नेटवर्क के मुकाबले ये प्रति वर्ग किलोमीटर करीब दस गुना अधिक संख्या में डिवाइस कनेक्शन की क्षमता देते हैं.
इतने चुस्त और तेज इंटरनेट नेटवर्क में जबरदस्त संभावनाएं हैं. 5जी कुछ देशों में ऑटोनॉमस वेहिकल (अपने आप चलने वाले वाहन) के लिए एक तरह से रीढ़ हैं क्योंकि ये उन्हें सड़क पर मौजूद हर गाड़ी और सिग्नल की वास्तविक समय पर जानकारी देने के साथ आइओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी इंटरनेट से जुड़े उपकरण जो इंटरनेट के समानांतर सोशल मीडिया, सर्च इंजन, स्ट्रीमिंग आदि में इस्तेमाल होते हैं) के इंटेलिजेंट सिस्टम से जोड़ने का काम भी करेगी. केपीएमजी इंडिया में पार्टनर और टेलीकॉम के सेक्टर हेड के.जी. पुरुषोत्तमन कहते हैं, ''एक साथ परिपक्व हो रही टेक्नोलॉजी (आइओटी, बिग डेटा, एआइ वगैरह) के सम्मिलन के साथ 5जी का टेलीकॉम के लिए गेम चेंजर होना तय है और अगले तीन से पांच साल में इससे जबरदस्त आर्थिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है.'' केपीएमजी के 2020 के इंटरनेशनल सर्वे के मुताबिक, एंटरप्राइज 5जी के आगमन का असर करीब हर क्षेत्र की कंपनियों पर पड़ेगा. यह दुनिया भर में 4.8 ट्रिलियन डॉलर (358 लाख करोड़ रुपए) की आर्थिक संभावनाओं की क्षमता से ओतप्रोत है. भारत के लिए 2023 तक यह आंकड़ा करीब 48.69 अरब डॉलर (3.6 लाख करोड़ रुपए) होगा और अनुमान है कि 5जी सालाना जीडीपी में 0.35-0.50 फीसद का योगदान देगा.
भारत की टेलीकॉम कंपनियां फिलहाल 4जी कनेक्टिविटी देने के लिए 800, 900, 1,800, 2,100 और 2,300 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल कर रही हैं. इन्हें 5जी के मकसद से ढाला जा सकता है. वहीं केंद्र ने नए नेटवर्कों के लिए 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज बैंड भी तय किए हैं. भारती एयरटेल ने पिछले साल डीओटी से आग्रह किया कि वह नए 5जी हैंडसेट के लिए दिशानिर्देश जारी करे ताकि सभी नए मॉडल नए 5जी स्पेक्ट्रम बैंड से जुड़ सकें. हाइ फ्रीक्वेंसी के अलावा 5जी नेटवर्क अलग-अलग ढांचों पर भी काम करते हैं—विशाल टावर पर निर्भर करने के बजाए वे ट्रांसमिशन की दक्षता बढ़ाने के लिए छोटे सेल के झुंडों में संगठित होते हैं और 'बीमफॉर्मिंग' कहे जाने वाले सिद्धांत का इस्तेमाल करते हैं.
अलबत्ता नए नेटवर्कों की शुरुआत ने सेल्यूलर ट्रांसमिशन की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चिंताएं पैदा कर दी हैं. आलोचकों का कहना है कि मौजूदा मोबाइल टॉवर ही आवासीय और व्यावसायिक इलाकों के ऊपर शक्तिशाली, असुरक्षित माइक्रोवेव ओवन चलाने की तरह हैं और ऐसे निर्णायक अध्ययन भी नहीं हैं जो बता सकें कि इस विकिरण के मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ते हैं. दूसरी तरफ, 5जी के हाइ फ्रीक्वेंसी विकिरण 'गैर-आयनीकरण' श्रेणी में आते हैं, उन एक्सरे और गामा किरणों के विपरीत जिनके बारे में हम जानते हैं कि ये हानिकारक हैं. ये सिग्नल कम दूरियों के दौरान ही तेजी से ऊर्जा खो देते हैं.
अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) का कहना है कि चाहे 3जी हो या 4जी या 5जी नेटवर्क, मानव सुरक्षा पर सेल्युलर रेडियो तरंग के असर का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. अमेरिका में नए 5जी नेटवर्क चालू करने को लेकर चिंताएं हैं, क्योंकि हवाई यातायात में प्रयुक्त आवृत्तियों पर इसका असर हो सकता है. अमेरिका की बड़ी सवारी और माल विमान सेवाओं के सीईओ ने 17 जनवरी को चेतावनी दी कि जब सेल्युलर कंपनियों एटीऐंडटी और वेरिजोन ने नई 5जी सेवाएं कुछ हवाई अड्डों के पास प्रयुक्त कीं, तब उन्हें 'विनाशकारी' विमानन संकट के जोखिम से गुजरना पड़ा. इसी कारण एयर इंडिया ने भी उस देश की अपनी कई उड़ानें रद्द की थीं.
यह तय है कि 5जी तेज इंटरनेट का सीधा-सादा मामला भर नहीं है. 4जी से 5जी में जाते हुए सेल्युलर क्षमता में भारी बढ़ोतरी मोबाइल डिवाइसों और लोगों के एक-दूसरे और इंटरनेट से जुड़ने में आमूलचूल बदलाव कर सकती है.