इंडिया टुडे पाठक संख्या में पत्रिकाओं के शीर्ष पर
देश की निर्विवाद नंबर 1 समाचार पत्रिका इंडिया टुडे (अंग्रेजी) ने 2019 में 15 फीसदी की छलांग लगाते हुए पाठक संख्या आइआरएस 2017 में 79 लाख के मुकाबले आइआरएस 2019 की पहली तिमाही में 91 लाख पहुंच गई है.

इंडिया टुडे ग्रुप की प्रमुख पत्रिकाओं इंडिया टुडे (हिंदी) और इंडिया टुडे (अंग्रेजी) ने क्रमशः 77 लाख और 91 लाख से ज्यादा पाठक संख्या के साथ देश में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पत्रिकाओं के तौर पर अपना दबदबा बनाए रखा है. यह मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल (एमआरयूसी) की ओर से जारी आइआरएस 2019 के पहली तिमाही के आंकड़ों से सामने आया है.
देश की निर्विवाद नंबर 1 समाचार पत्रिका इंडिया टुडे (अंग्रेजी) ने 2019 में 15 फीसदी की छलांग लगाते हुए पाठक संख्या आइआरएस 2017 में 79 लाख के मुकाबले आइआरएस 2019 की पहली तिमाही में 91 लाख पहुंच गई है. इसकी प्रतिद्वंद्वी पत्रिकाएं द वीक और आउटलुक (अंग्रेजी) क्रमशः 16 लाख और 18 लाख की पाठक संख्या के साथ उसके कहीं आसपास भी नहीं हैं.
सर्वे में सभी पत्रिकाओं की पाठक संख्या के मामले में 7.7 फीसदी की छलांग के साथ इंडिया टुडे हिंदी दूसरे स्थान पर है. 2017 में 72 लाख से बढ़कर अब इसकी पाठक संख्या 79 लाख हो गई है.
एमआरयूसी के चेयरमैन और देंत्सु एजिस नेटवर्क के सीईओ आशीष भसीन कहते हैं, ''3,24,000 घरों के सैंपल साइज को देखते हुए हम कह सकते हैं कि आइआरएस 2019 दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा सर्वे है.'' वे बताते हैं कि एजेंसी ने कंप्यूटर की मदद के साथ व्यक्तिशः इंटरव्यू की पद्धति (सीएपीआइ) अपनाई, बतौर सबूत वॉएस रिकॉर्ड लिए किए, जीपीएस से इंटरव्यू देने वालों की जगह का पता लगाया और ओटीपी प्रणाली के जरिए प्रश्नावली का उत्तर देने वालों की पहचान पक्की की.
आइआरएस 2019 पहली तिमाही की रिपोर्ट 2017 की तीन तिमाहियों और 2019 की एक तिमाही का औसत है. सर्वे के मुताबिक, पत्रिका खंड में कुल पाठक संख्या आइआरएस 2017 में 7.8 करोड़ से बढ़कर ताजा रिपोर्ट में 8.7 करोड़ हो गई. यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में हुई है और पूरे भारत में 90 लाख पाठक बढ़े.
इंडिया टुडे की सबसे चर्चित समाचार कथाएं थीं: पाकिस्तान के भीतर भारतीय वायु सेना के हमलों पर 'बालाकोट की अंतर्कथा' और अदाकार रणवीर सिंह पर 'निखरता नायक', जो कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर वाइरल हुईं.
इंडिया टुडे समूह इसके लिए पाठकों का शुक्रगुजार है, जिन्होंने हमारी कवरेज को पैनी, गहरी और तथ्यात्मक पाया और एक बार फिर से हमारी पाठक संख्या में वृद्धि की और इंडिया टुडे अंग्रेजी तथा हिंदी को शीर्ष पर बनाए रखा. इंडिया टुडे समूह के चेयरमैन और प्रधान संपादक अरुण पुरी कहते हैं, ''यह जानकर खुश हूं कि आइआरएस ने प्रामाणिक सामग्री पर हमारे अटूट विश्वास पर मुहर लगाई है.
आज का विवेकी पाठक कहीं ज्यादा पारदर्शिता, तथ्य और शोधपरक नजरिए की तलाश करता है. नए तेवर-कलेवर वाली इंडिया टुडे पत्रिका ने अंग्रेजी और हिंदी दोनों में अपनी छाप छोड़ी है. मुझे खुशी है कि ये पत्रिकाएं समझदार हिंदुस्तानियों की खास पसंद के तौर पर सबसे अलहदा और ऊपर हैं.''
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