खाकी की जिम्मेदारी

पुलिस के किरदार में अभिनेत्री फातिमा सना शेख हॉटस्टार स्पेशल हुंकारः द रोर से करने जा रहीं वेब सीरीज में डेब्यू

अभिनेत्री फातिमा सना शेख

• आप पहली बार पुलिस की भूमिका निभा रही हैं. ऐक्टर के तौर पर खाकी पहनने का अनुभव कैसा रहा?
यह किरदार पर्दे पर दिखने वाले पारंपरिक पुलिस अधिकारी से अलग है. तैयारी के लिए मैंने अलग-अलग रैंक के अधिकारियों से बात की, जिसने व्यवस्था को लेकर मेरा नजरिया बदला.

महसूस हुआ कि सिस्टम में ऐसे लोग भी हैं जो ईमानदारी से लोगों की रक्षा करना और अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं.

• आपने इस किरदार में बहुत संयमित और सधे हुए अभिनय का सहारा लिया है. क्या जसलीन अपनी भावनाओं को ज्यादा जाहिर नहीं करना चाहती?
जब पुरुषों से भरे कमरे में महिला अकेली हो तो बहुत सोच-समझकर करना बोलना पड़ता है. मुखर होने के लिए स्त्री को चिल्लाने या गुस्सा होने की जरूरत नहीं. एसीपी जसलीन के किरदार से मुझे अदाकारा के तौर पर बहुत कुछ जानने-समझने का मौका मिला.   

• वेब सीरीज में डेब्यू के लिए आपने इसी कहानी को क्यों चुना?
कहानी मजबूत थी और मुझे इसकी डेविड बनाम गोलियथ वाली थीम पसंद आई. सभी किरदार अपने संघर्ष और तलाश से गुजरते हैं. जब कई कलाकार एक-दूसरे का साथ देते हैं तो उससे कुछ खूबसूरत सामने आता है.

• दिल्ली और जमुई के हालिया मामलों के बीच नाबालिग से जुड़ी यौन शोषण पर आधारित हुंकार: द रोर की क्या प्रासंगिकता है?
सदियों से ताकत दिखाने या सत्ता जताने के लिए सबसे पहले महिलाओं को निशाना बनाया जाता रहा है. जहां ताकत होती है, वहां उसके दुरुपयोग की आशंका भी रहती है.

जरूरत इस बात की है कि सत्ता और ऊंचे ओहदों पर बैठे लोग अपनी जिम्मेदारी समझें. मैं जमुई के उस लड़के की बहादुरी को सलाम करती हूं. वह 17 साल का है जो दिखाता है कि एक पुरुष को कैसा होना चाहिए.

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