"शिव तांडव स्तोत्र विशुद्ध ऊर्जा है, जिसे रावण ने भगवान शिव के सम्मान में गाया था"

अमीश त्रिपाठी एक गायक के रूप में रॉक बैंड त्रिलोक से जुड़े. शिव तांडव स्तोत्र को उन्होंने एक समकालीन अंदाज में पेश किया.

Q+A
अमीश त्रिपाठी

सवाल+जवाब

शिव तांडव स्तोत्र  एक प्राचीन संस्कृत मंत्र है. इसे रॉक म्यूजिक का ट्रीटमेंट देने की जरूरत क्यों पड़ी?

शिव तांडव स्तोत्र क्या है? यह विशुद्ध ऊर्जा है जिसे रावण ने भगवान शिव के सम्मान में संस्कृत श्लोकों के जरिए इसमें ढाल दिया है. शब्द अपने आप में ही स्वाभाविक ध्वन्यात्मकता लिए हुए हैं. ऐसे में लगा कि उन्हें गहरी सघनता वाले रॉक के मॉडर्न साउंडस्केप के साथ उनका मेल कराया जाए तो यह कारगर साबित हो सकता है.

आप एक लेखक, राजनयिक और ब्रॉडकास्टर के रूप में जाने जाते रहे हैं. यह गायन की प्रतिभा कहां छिपाकर रखी थी आपने?

दशकों पहले आइआइएम-कलकत्ता के दिनों में मैं वहां के बैंड का लीड सिंगर हुआ करता था. बैंकिंग करिअर के चक्कर में, फिर लेखन और उसके बाद पब्लिक लाइफ की मसरूफियात में संगीत एक ओर रह गया. इस गाने के जरिए मैं 30 साल बाद गायन की ओर वापसी कर रहा हूं.

निकट भविष्य में क्या और भी इस तरह के साझा प्रोजेक्ट‍्स की योजना है?

इस तरह के साझा रचनात्मक उपक्रमों का स्वाद जब एक बार चख लें तो फिर आपके भीतर से और और की रट उठने लगती है. इसी तरह से आज के म्यूजिकल फॉर्म्स में संस्कृत और दूसरी भाषाओं के कुछ दूसरे स्तोत्र और भजन भी आजमाए जाने को लेकर बात शुरू हुई है.

अब आपका अगला प्रोजेक्ट क्या है ?

मैंने बच्चों की एक किताब पूरी की है जो कि जल्द ही आ जानी चाहिए. ब्रिटेन की पृष्ठभूमि पर मेरा एक क्राइम फिक्शन नॉवेल बस पूरा होने को है. इसके अलावा एज ऑफ भारत है. किसी भारतीय विषय पर यह अपनी तरह का पहला बिग बजट वीडियो गेम है.

—अमित दीक्षित

Read more!