"अपना किरदार चुनते समय यह जरूर देखता हूं कि कहानी में ईमानदारी है या नहीं"
'पाताल लोक' के निर्देशक अविनाश अरुण के साथ दोबारा 'थ्री ऑफ अस' के लिए काम करने वाले अभिनेता जयदीप अहलावत से बातचीत

● अविनाश अरुण के साथ दोबारा काम की वजह क्या है?
दोबारा काम करने में पहले से बनी हुई आपसी समझ का फायदा तो होता ही है. अविनाश जानते हैं कि मैं खुद को चुनौती देना पसंद करता हूं. अविनाश मुझे मेरे तरीके से सोचने की आजादी देते हैं जो उनकी सोच से मिलकर हमारी साझा सोच के रूप में पर्दे पर दिखाई देती है.
● आपको 'ओटीटी ऐक्टर’ कहलाना पसंद नहीं है, क्यों?
बड़े पर्दे पर सिनेमा के अलग प्रभाव के बावजूद ओटीटी और थिएटर अलग-अलग प्लेटफॉर्म हैं, तरीका दोनों का एक ही है. मैं ओटीटी के लिए अभिनय करूं या सिनेमा के लिए, अभिनय तो एक जैसा ही करना होता है.
● किरदार को चुनते समय किन बातों का ध्यान रखते हैं?
कहानी पहली और सबसे बड़ी वजह होती है. उसमें ईमानदारी होनी चाहिए. मैं किरदार चुनते हुए इस बात का ध्यान रखता हूं कि यह किरदार मेरे अभिनय को कितनी चुनौती देता है.
● अब दर्शक आपको और किस किरदार में देखेंगे?
मैं जबरदस्त कॉमेडी करना चाहता हूं. इच्छा यह भी है कि कभी करण जौहर के निर्देशन में बतौर रोमांटिक हीरो दिखूं. निर्देशक भी बनना चाहता हूं. फिलहाल तो शशांक खेतान के निर्देशन में फातिमा सना शेख के साथ एक शॉर्ट फिल्म आ रही है. अली अब्बास जफर की 'खाली पीली' भी मजेदार होगी.
—आरती कपूर सिंह