“हार्ट ऑफ स्टोन में मैंने अपनी ड्रीम टीम के साथ काम किया”
आलिया भट्ट के लिए यह यादगार साल रहा है: वे मां बनीं, इंटरनेशनल डेब्यू किया और अब करण जौहर की फिल्म के जरिए चर्चा में. उनसे इन सभी मसलों पर बातचीत

- रॉकी और रानी की प्रेम कहानी के बाद कैसा महसूस कर रही हैं?
एग्जाम में अच्छे नंबर लाने वाले छोटे बच्चे की तरह (हंसती हैं). धर्मा मेरे लिए दूसरे घर जैसा है इसलिए सेट पर माहौल बेहद सुकून वाला होता था. करण ने तो दिग्गजों की फौज जुटा रखी थी—शबाना आजमी, धर्मेंद्र, जया बच्चन. यह फिल्म परफेक्शन के बारे में मिथक को तोड़ती है. वैल्यूज मॉडर्न ही नहीं, प्रोग्रेसिव भी होती हैं. इसे बहस का केंद्र बनते देख अच्छा लग रहा है.
- अपने आंत्रेप्रेन्योर के रोल के बारे में कुछ बताइए.
दोनों ही एड-अ-मम्मा (मैटर्निटी और किड्स वियर ब्रांड) और इटरनल सनशाइन (प्रोडक्शन हाउस) अपनी पहचान की तलाश की मेरी जद्दोजहद से निकले हैं. एक चुलबुली लड़की से मां के चोले में खुद को ढालना, वह भी जब आप गहरे तौर पर जज्बाती हों, प्रैक्टिकली बहुत चैलेंजिंग है. मैं ऐसे आरामदेह कपड़े चाहती थी जो साज-संवार के लिहाज से भी बेहतर दिखें. उसी सोच के तहत क्लॉथ ब्रांड सामने आया. और इटरनल सनशाइन के पीछे की सोच थी ऐक्टर से क्रिएटर की भूमिका में उतरना.
- और फिर आगे हार्ट ऑफ स्टोन आने को है...
हार्ट ऑफ स्टोन का अनुभव तो कम्माल का था. वह ड्रीम टीम थी. मैं प्रेग्नेंट थी उन दिनों और गाल गडोट से बॉडिंग हो गई थी. वे बोलीं कि वंडर वूमन शूट करते वक्त वे भी प्रेग्नेंट थीं. मुझे ऐक्शन फिल्म करने को मिली, जो कि मैं हमेशा से करना चाहती थी. वह भी इंटरनेशनल लेवल पर करना, वह बात ही कुछ और थी.
- मां की अपनी भूमिका के साथ दूसरे कामों से कैसे तालमेल बिठाती हैं?
यह सवाल मुझसे बार-बार पूछा जाता है. हर दिन जब एक नया दिन हो, नई चुनौतियां और नई उपलब्धियां हों तो वह भी एक अनुभव ही तो होता है. राहा ने मेरी जिंदगी बदल दी है. उसने मेरा दिल इतना बड़ा कर दिया है कि उसमें बहुत-सी चीजें समा सकती हैं.
- आरती कपूर सिंह