खलीफा के जी की कसक
उनके असाधारण करिअर का निर्माण, फेडरर-नडाल से उनकी चुभती प्रतिद्वंद्विता, टलता रिटायरमेंट...टेनिस के महानतम खिलाड़ियों में से एक नोवाक जोकोविच पर बनी इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में उनके बारे में नया कुछ नहीं

नोवाक जोकोविच : द वुल्फ इन विंटर
अरसे से इंतजार था इस डॉक्युमेंट्री का, जो हाल ही नोवाक जोकोविच : द वुल्फ इन विंटर नाम से अमेजन प्राइम प्लेटफॉर्म पर आई है. और उसकी टाइमिंग देखिए. दस दिन बाद ही न्यूयॉर्क के ऑर्थर ऐश स्टेडियम में वे यूएस ओपन के पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मरियानो नवोने से हारकर बाहर हो गए.
टेनिस के ग्रैंड स्लैम (यूएस के अलावा ऑस्ट्रेलियन और फ्रेंच ओपन तथा विंबलडन) के 21 साल के अपने करिअर में पहले राउंड में यह उनकी बस तीसरी हार थी. इससे पहले वे 2005 और 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में प्रवेश द्वार पर बाहर हुए थे. अब 39 के और अपने करिअर को लेकर आशंकित-से हो चले जोकोविच की भीतरी दुनिया की गहराई से थाह लेने वाली एक प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार कई वजहों से था.
24 ग्रैंड स्लैम जीतते हुए वे टेनिस के महानतम खिलाड़ियों की सूची से एक हाथ ऊपर उठकर सबसे महान पुरुष टेनिस प्लेयर बन गए हैं. पहले ही रिटायर हो चुके उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों राफेल नडाल (स्पेन) ने 22 और रोजर फेडरर (स्टिवट्जरलैंड) ने 20 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं.
सर्ब मूल के ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन जोकोविच यूरोप की मुख्य भूमि से हटकर, उस बाल्कन भूभाग से आते हैं जो नब्बे के दशक में जातिगत और नस्लीय लड़ाइयों से बुरी तरह हलकान था.
वे उस युगोस्लाविया में पैदा हुए थे, जो स्लोवेनिया, क्रोएशिया, कोसोवो, मोंटेनेग्रो आदि में टूटता गया और मूल देश सर्बिया बचा. लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना के अलग देश बनने के मुद्दे पर मुसलमानों, क्रोएट और सर्ब तबके में जो खून-खच्चर और नरसंहार हुआ, और जिस तरह से बचने के लिए छिपना-भागना पड़ा, उस खौफ को जोकोविच आज भी भूले नहीं हैं.
फेडरर और नडाल की महानताओं का रास्ता रोककर जोकोविच एक तरह से यूरोपीय संभ्रांतता को ललकारने लगे थे. यह दो-फांक दोनों पक्षों के अलावा दर्शकों में भी देखी जा सकती थी. जोकोविच और उनकी परिधि के लोगों ने भंगिमाओं और नजरों के उस भेद को पकड़कर उसे सवालों के घेरे में भी लिया.
यह फिल्म इन तमाम पहलुओं पर कोई नई बात नहीं करती, न कोई नई दृष्टि देती है. हां, अपनी टिप्पणियों में जोकोविच अक्सर भेड़ियों का जिक्र करते रहे हैं. खासकर हूट करने वाले दर्शकों से निबटने की तरकीब के संदर्भ में.
डेढ़ घंटे की इस प्रस्तुति में भी कई बार हुहुआते हुए उसकी आवाज निकालकर वे उसके प्रतीक और डॉक्युमेंट्री के नामकरण में उसकी अहमियत को अंडरलाइन करते हैं. इसकी शुरुआत ही इस लिखे हुए वाक्य से होती हैः भेड़िया बाल्कन भूभाग में आम बोलचाल में निर्भय/निडर होने के साथ ही एक तरह के आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है.
फिल्म ग्रैंड स्लैम करिअर में 2022-23 से ही जोकोविच की रथयात्रा रोकने आ खड़े हुए कार्लोस अलकरज और यानिक सिनर से प्रतिद्वंद्विता की जैसे बात ही नहीं करती. अलकराज से उनकी त्योरियां कुछ ऐसी तन गई थीं कि 2023 के सिनसिनाटी ओपन में वे उन्हें हरा पाए तो मैदान पर ही अपनी टी-शर्ट चर्र से फाड़ डाली थी.
यह प्रस्तुति दरअसल, जोकोविच के बारे में एक प्रवेशिका-सी है. टेनिस से ताल्लुक न रखने वाला कोई व्यक्ति इसे देखकर उनके बारे में कुछ मोटे अंदाजे लगा सकता है. इसमें वैसे एक स्पष्टीकरण दिलचस्प है.
कोरोना में 2022 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान वैक्सीन को लेकर स्थिति स्पष्ट न करने पर ऑस्ट्रेलिया से ही बाहर कर दिए जाने के पहलू पर पहली बार उन्होंने बेबाकी से बोला है. यही कि उन्हें दो बार कोरोना हो चुका था, इसलिए वैक्सीन की जरूरत ही न थी. यह भी कि इस मुद्दे पर उनके साथ भेदभाव बरता गया. क्या पता, उस पसंदीदा जमीन (वे 10 ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीत चुके हैं) पर वे उस साल भी जीत जाते और टेनिस (मेंस+विमेंस) के हिमालय पर आज झंडा गाड़कर सुकून में होते.
आज की तारीख में जोकोविच का जिक्र आते ही पहला सवाल होता हैः वे रिटायर कब होंगे? फिल्म में वे, उनकी पत्नी जेलेना और दूसरे किरदार भी इसका कोई जवाब नहीं देते. उन्होंने तो यूएस ओपन में नवोने से हार के बाद भी यही संकेत दिया कि टूटती पीठ और जवाब देती टांगों के बावजूद वे एक और ग्रैंड स्लैम जीतकर, उनकी बराबरी में बैठीं 24 ग्रैंड स्लैम विजेता ऑस्ट्रेलिया की मार्ग्रेट कोर्ट को भी पीछे छोड़ने की जिद जारी रखेंगे.