द ओडिसी : क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों के आगे हथियार क्यों डाल देता है बॉलीवुड?
ऑस्कर विजेता फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन का भारत में जबरदस्त फैनबेस है जो तय कर देता है कि कास्ट या सब्जेक्ट से परे उनकी हर फिल्म को शानदार ओपनिंग मिले

अगर आप बीते वीकेंड सिनेमाघर गए होंगे तो कोई नई हिंदी फिल्म शायद नहीं मिली होगी. एकमात्र अपवाद कम चर्चित एनिमेटेड पौराणिक फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ है जो कई भाषाओं में रिलीज हुई है. इसके अलावा वही पुरानी धमाल 4, वेलकम टू द जंगल और अगर आप बहुत लकी रहे तो अल्फा या मैं वापस आऊंगा का कोई इक्का-दुक्का शो मिला होगा. अब आप सोच रहे हैं कि ऐसा क्यों है? इसका जवाब है क्रिस्टोफर नोलन, जिनकी फिल्म द ओडिसी 17 जुलाई को रिलीज हुई है.
जब नोलन की कोई फिल्म आती है तो बॉलीवुड पीछे बैठकर तमाशा देखता है. सबको पता है कि दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के मामले में नोलन से मुकाबला करना आसान नहीं है. ऑस्कर विजेता फिल्ममेकर का भारत में जबरदस्त फैनबेस है जो यह सुनिश्चित करता है कि उनकी फिल्मों को, चाहे कलाकार या विषय कुछ भी हो, शानदार ओपनिंग मिले.
फैंस को 3,000 रुपए तक के महंगे IMAX टिकट से भी कोई परेशानी नहीं होती. क्योंकि नोलन की फिल्म तीन साल में एक बार आने वाली ऐसी घटना है जिसका उसी तरह आनंद लिया जाना चाहिए, जैसा निर्देशक चाहता है: एक बड़े, अंधेरे थिएटर में विशाल स्क्रीन पर.
नोलन ने भी पहचान लिया है कि भारत उनकी पब्लिसिटी प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है. निर्देशक और फिल्म के दो प्रमुख कलाकार मैट डेमन और टॉम हॉलैंड हाल ही में फिल्म के प्रमोशन के लिए मुंबई में थे. इस प्रमोशन में प्रीमियर, प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया के चुनिंदा सदस्यों के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत शामिल थी.
बेशक, यह मुंबई का नोलन का पहला दौरा नहीं है. वे 2018 में सेलुलॉइड फिल्म के संरक्षण पर बात करने के लिए यहां आए थे. अगले साल उन्होंने शहर में टेनेट की शूटिंग भी की थी, जिसमें डिंपल कपाड़िया ने अभिनय किया था. अपने विजुअल लैंडस्केप में शानदार लोकेशंस को जगह देने के लिए मशहूर नोलन ने चर्चित द डार्क नाइट राइजेज के कुछ हिस्सों की शूटिंग जोधपुर में भी की थी.
भारत में नोलन की लेजेंड और बड़ी होती गई है. इंटरस्टेलर और इंसेप्शन, दोनों की कल्ट फॉलोइंग है. इनके अंत पर चर्चाएं, सीन्स का एनालिसिस और डायरेक्टर की मंशा पर बहस सिनेप्रेमियों के बीच आम है. नोलन की पिछली फिल्म और कई ऑस्कर जीतने वाली बायोपिक ओपेनहाइमर ने भारत में 155 करोड़ रुपए की कमाई की थी. इसमें IMAX स्क्रीनिंग, बार-बार फिल्म देखने वाले दर्शकों और वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी की बड़ी भूमिका रही.
दरअसल, जब अमेरिका में बार्बेनहाइमर (बार्बी और ओपेनहाइमर) का क्रेज फैला, तब भारत में पूरा फोकस नोलन की ओपेनहाइमर पर था. फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन इस बात का सबूत था कि एस.एस. राजामौली और संजय लीला भंसाली की तरह नोलन भी ऐसे निर्देशक हैं, जिनका नाम ही लोगों को सिनेमाघरों तक खींच लाता है.
हालांकि भारत में नोलन की सबसे बड़ी हिट फिल्म का ओपेनहाइमर का रिकॉर्ड अब खतरे में पड़ सकता है. कोई मुकाबला न होने की वजह से द ओडिसी के ब्लॉकबस्टर वीकेंड की उम्मीद की जा रही है. दर्शक ग्रीक देवी-देवताओं को आपस में जंग करते देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं. लेकिन ज्यादातर लोग तो अपने सिनेमाई भगवान यानी क्रिस्टोफर नोलन को श्रद्धांजलि देने आ रहे होंगे.