'शीरोज' कैसे बदल रहीं 'हीरोइन' की पहचान?

नेटफ्लिक्स इंडिया में ओरिजिनल फिल्मों की डायरेक्टर रुचिका कपूर शेख ने इंडिया टुडे वुमन समिट में बताया कि फिल्मों और सीरीज में अब महिला किरदार किस तरह बदल रहे हैं

Madhuri Dixit
'मां बहन' के अपने किरदार में माधुरी दीक्षित

2026 के आठ महीने बीत चुके हैं और रुचिका कपूर शेख के पास खुश होने की कई वजहें हैं. अनुभूति कश्यप के निर्देशन में बनी #मी-टू  ड्रामा थ्रिलर एक्यूज्ड, जिसमें कोंकणा सेनशर्मा और प्रतिभा रांटा ने अभिनय किया है, 72 देशों में टॉप 10 में रही.

वहीं पूजा तोलानी की लिखी और सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी डार्क कॉमेडी मां बहन  को भी काफी सराहना मिली. इसमें तृप्ति डिमरी के अभिनय को खास तौर पर पसंद किया गया.

22 अगस्त को नई दिल्ली में हुए इंडिया टुडे वुमन समिट-2026  में रुचिका ने इन दोनों सफलताओं, आने वाले प्रोजेक्ट्स और कई अन्य मुद्दों पर बात की.

रुचिका ने कहा, “नेटफ्लिक्स में सिर्फ महिलाएं महिलाओं की कहानियां नहीं बता रहीं. हमने एक कदम पीछे हटकर यह देखने की कोशिश की कि जब रचनात्मक शक्ति महिलाओं को दी जाती है तो क्या होता है. हम एक-दूसरे से कौन से सवाल पूछते हैं, किन धारणाओं को चुनौती देते हैं और किन रूढ़ियों को खत्म करने की कोशिश करते हैं.”

उन्होंने बताया कि कश्यप एक ऐसा नजरिया लेकर आईं जो नया था लेकिन उसे सनसनीखेज नहीं बनाया गया.

मां बहन के बारे में रुचिका ने याद किया कि उन्हें चिंता थी कि क्या कोई स्टार इसका हिस्सा बनने के लिए तैयार होगा. इसके बावजूद उन्होंने इस प्रोजेक्ट के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया. आखिरकार माधुरी दीक्षित नेने, डिमरी और रवि किशन इस फिल्म का हिस्सा बने. यह फिल्म उन रूढ़ियों और लेबल को चुनौती देती है जिनका महिलाओं को सामना करना पड़ता है.

इंडिया टुडे वुमन समिट-2026 में रुचिका कपूर शेख

कपूर शेख के लिए यह महत्वपूर्ण है कि जिन कहानियों का वे समर्थन करती हैं, वे महिला नायिकाओं की उस परिभाषा को विस्तार दें जिसे देखते हुए वे खुद बड़ी हुई हैं. रुचिका के मुताबिक, “कहानी के केंद्र में रहने के लिए आपको एक मजबूत और आदर्श महिला होने की जरूरत नहीं है. आप खामियों से भरी और विरोधाभासों से भरी हो सकती हैं, क्योंकि हम ऐसे ही हैं.”

नेटफ्लिक्स के साथ करीब चार साल बिता चुकीं रुचिका मानती हैं कि नए प्रयोग करना और अलग तरह के विचारों का स्वागत करना उनके काम का हिस्सा है. बालाजी टेलीफिल्म्स में भी उन्होंने यही किया था. वहां उन्होंने एक विलेन, द डर्टी पिक्टर, उड़ता पंजाब और वीरे दी वेडिंग जैसी फिल्मों की क्रिएटिव और मार्केटिंग जिम्मेदारी संभाली थी. कॉन्क्लेव में उनका कहना था, “दर्शक ऐसी कहानियों के लिए तैयार हैं जिनके बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं है.”

नेटफ्लिक्स इंडिया एकमात्र स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है जहां तीन महिलाएं प्रमुख भूमिकाओं में हैं. मोनिका शेरगिल कंटेंट की उपाध्यक्ष हैं, तान्या बामी सीरीज की प्रमुख हैं और रुचिका फिल्मों का काम संभालती हैं. उन्होंने कहा कि शीर्ष तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा, भले ही तीनों का सफर अलग-अलग रहा हो. उन्होंने बताया, “हम ऐसे कमरों में रहे हैं, जहां अपनी बात रखने के लिए आपको दूसरों के बीच से रास्ता बनाना पड़ा है.”

वे आगे कहती हैं, “आपको हमेशा वह कदम उठाना होता है, किसी के लिए दरवाजा खोलना होता है क्योंकि कोई न कोई आपके लिए भी ऐसा करेगा. कुछ महिलाओं ने मेरे लिए रास्ता बनाया ताकि मैं दौड़ सकूं. अब मैं दौड़ूंगी ताकि कोई और उड़ सके. यही तरीका है.”

जब उनसे पूछा गया कि क्या पुरुषों को तीन महिला रचनात्मक प्रमुखों को मनाने की चुनौती से डर लगता है तो उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि वे हमें महिलाओं के तौर पर नहीं बल्कि तीन रचनात्मक दिमागों के रूप में देखें, जो जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं. उम्मीद है कि हम ऐसी मददगार साबित होंगी जो उन्हें अपनी कहानियां सबसे अच्छे तरीके से कहने देंगी और शानदार सहयोगी बनेंगी. हम कोशिश करते हैं कि इसमें जेंडर को बीच में न लाया जाए.”

हालांकि, उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने साथ सहानुभूति जरूर लेकर आती हैं.

हाल ही में रिलीज हुई इक्का  का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि तिलोत्तमा शोम और दीया मिर्जा के किरदार “दो पुरुष मुख्य किरदारों के लिए नहीं हैं” (सनी देओल और अक्षय खन्ना), बल्कि दोनों ऐसे किरदार हैं, “जिनका अपना एक मकसद है”.

रुचिका के मुताबिक, “यही शीरो होने का मतलब है. हो सकता है कि वे कहानी के केंद्र में न हों लेकिन जब वे मौजूद हों तो वे किसी रूढ़ छवि के तौर पर मौजूद नहीं होते.”

महिलाओं को सशक्त बनाने में नेटफ्लिक्स के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उसकी हर पांच ओरिजिनल फिल्मों में से एक का निर्देशन महिला ने किया है.

नेटफ्लिक्स इंडिया की अगली फिल्मों में गांधारी  शामिल है, जिसमें तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं और इसकी लेखिका व निर्माता कनिका ढिल्लों हैं. इसके बाद एंथोलॉजी लस्ट स्टोरीज का तीसरा संस्करण आएगा. इसमें किरण राव, शकुन बत्रा, विक्रमादित्य मोटवाने और विशाल भारद्वाज चार नए निर्देशक होंगे. इसके अलावा हम हिंदुस्तानी  भी आने वाली फिल्मों में शामिल है.

कपूर शेख ने कहा, “मैं कभी किसी से यह नहीं कहूंगी कि वे कुछ ऐसा बनाए जो सबको पसंद आए. आपके लिए खास वह एहसास या भावना ही लोगों से जुड़ती है. जो कहानियां व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रूप से खास होती हैं, उन्हें दुनिया भर में काफी पहचान मिली है.”

Read more!