वर्ल्ड कप में इतिहास रचने वाली शूटर नीरू ढांडा से एशियन गेम्स में बढ़ी उम्मीदें

ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर इतिहास रचने वाली नीरू ढांडा से अब एशियन गेम्स में पदक की बड़ी उम्मीद है. उनके कोच का मानना है कि इस जीत से पूरी भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा

Neeru Dhanda scripts history with World Cup trap gold, wins India's first-ever international shotgun title
गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरू ढांडा

11 जुलाई को 26 वर्षीय शूटर नीरू ढांडा ने इतिहास रचते हुए महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में भारत को शूटिंग वर्ल्ड कप का पहला गोल्ड मेडल दिलाया. उन्होंने यह उपलब्धि इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में हासिल की. यह शूटिंग वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है और इसमें दुनिया के कई शीर्ष निशानेबाज हिस्सा लेते हैं.

नीरू सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा हैं. ऐसे में सवाल है कि वर्ल्ड कप का यह गोल्ड मेडल एशियन गेम्स में भारत की पदक संभावनाओं के लिए कितना मायने रखता है? इस पर नीरू के कोच और पूर्व ओलंपियन मनशेर सिंह कहते हैं, "वर्ल्ड कप का गोल्ड मेडल नीरू का आत्मविश्वास बढ़ाएगा. वह एशियन गेम्स में पदक जीतने की प्रबल दावेदार के तौर पर उतरेंगी. इसका उनकी टीम की अन्य खिलाड़ियों पर भी बेहद सकारात्मक असर पड़ेगा."

मनशेर सिंह को भारतीय सेना ने नीरू के निजी कोच के रूप में नियुक्त किया है. उनका कहना है कि लोनाटो में होने वाले वर्ल्ड कप का स्तर एशियन गेम्स से भी ऊंचा होता है. उनके मुताबिक, यह प्रतियोगिता कई मायनों में ओलंपिक के बराबर मानी जा सकती है क्योंकि इसमें दुनिया के सभी शीर्ष निशानेबाज हिस्सा लेते हैं.

नीरू ने फाइनल में फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कोरमेनियर को हराया. नीरू ने 30 में से 27 निशाने सटीक लगाए, जबकि कोरमेनियर ने 30 में से 25 निशाने साधे. इटली की एरिका सेसा ने 30 में से 19 निशाने लगाकर कांस्य पदक जीता.

नीरू भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं. वे खेलो इंडिया एथलीट हैं और नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस कार्यक्रम का हिस्सा हैं. हरियाणा की रहने वाली नीरू ने अपने क्षेत्र के ही एशियन गेम्स पदक विजेता लक्ष्य श्योराण से प्रेरित होकर शूटिंग शुरू की थी. शुरुआती प्रशिक्षण उन्होंने दिल्ली में लिया. 2019 में उन्होंने मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी की टैलेंट सर्च प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जिसके बाद उन्हें अकादमी में शामिल कर लिया गया. वे दिल्ली और भोपाल दोनों जगह प्रैक्टिस करती हैं.

नीरू के अलावा भोपाल की एक और शूटर मनीषा कीर और आशिमा अहलावत भी एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला शॉटगन शूटिंग टीम का हिस्सा हैं. एशियन गेम्स में नीरू को चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान की निशानेबाजों से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है. कोच मनशेर सिंह उम्मीद जताते हुए कहते हैं, "नीरू मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं और आसानी से हार नहीं मानतीं. यही गुण उन्हें दूसरों से अलग बनाते हैं."

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