गहलोत सरकार के मंत्रियों की कुंडली पर लगता है महिलाएं भारी पड़ रही है. भंवरी देवी कांड अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि राज्य के एक और मंत्री विवादों में फंस गए हैं. ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय की पहली पत्नी कमला ने राज्य महिला आयोग से शिकायत की है कि मालवीय ने उन्हें जबरन घर से निकाल दिया है और कानूनन तलाक लिए बिना ही एक अन्य महिला रेशम के साथ शादी रचा ली है. कमला ने आरोप लगाया कि हाल ही में मालवीय ने उन्हें पीटा था और वे उन्हें उनके बच्चों से भी नहीं मिलने दे रहे हैं.
इस पर मालवीय की सफाई सुनिए. बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के मालवीय कहते हैं, ‘हम एक पत्नी को आदिवासी पंचायत के सामने छोड़ने के बाद चाहे जितनी बार शादी कर सकते हैं.’ उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. ये संगठन मंत्री की यह सफाई सुनने के लिए तैयार नहीं हैं कि उन्हें अपनी पत्नी से अलग हुए 25 साल हो चुके हैं और उन्होंने कभी भी अपनी पत्नी को पीटा नहीं था. इस मामले की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी. विधानसभा में कांग्रेसी विधायक डॉ. परम नवदीप ने मालवीय को हटाने की मांग की है.
पिछले छह महीनों में कांग्रेस आलाकमान गहलोत को अपने दो मंत्रियों को बर्खास्त करने के लिए मजबूर कर चुका है. दोनों ही मंत्रियों के महिलाओं के साथ कथित रूप से अवैध संबंध थे. इनमें से एक मंत्री महिपाल मदेरणा को अक्तूबर में बर्खास्त किया गया था. फिलहाल वे जोधपुर जेल में बंद हैं. मदेरणा पर आरोप है कि उसने अपने दोस्त और कांग्रेसी विधायक मलखान सिंह के साथ मिलकर भंवरी देवी की हत्या करवाई है. मलखान और मदेरणा दोनों के एएनएम भंवरी देवी के साथ शारीरिक संबंध थे.
ऐसे ही एक मामले में मंत्री पद गंवाने वाले एक अन्य हैं वन मंत्री रामलाल जाट. जाट के पारस देवी नाम की महिला से अवैध संबंध थे. पारस देवी जाट के दोस्त की बीबी थी जिसकी पिछले अक्तूबर में कीटनाशक दवा पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इस मामले में फंसने के बाद गत नवंबर में जाट को भी बर्खास्त कर दिया गया था.
विपक्ष की नेता वसुंधरा राजे पर कीचड़ उछालने के लिए गहलोत 40 साल पहले हुए उनके तलाक का मामला उठाते रहते हैं. लेकिन अब खुद उनके मंत्रियों के चरित्र से जुड़े ढेरों मामले आगामी चुनावों में उनके लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं.

