भारत के बेस्ट कॉलेज 2023 : इंजीनियरिंग (सरकारी)
1 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली, नई दिल्ली
शैली आनंद
सब्जेक्ट 2023 के रूप में दुनिया भर में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी शिक्षा के क्षेत्र में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्ज जारी हुई तो उसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आइआइटी) दिल्ली शीर्ष 50 संस्थाओं में शुमार थी. इस संस्थान ने उद्योग को ध्यान में रखकर किए जाने वाले नवाचारों और रिसर्च फंडामेंटल्स के बीच गहरा सामंजस्य बिठाकर अपने को नितांत मौजूं बनाए रखा है.
1961 में स्थापित आइआइटी दिल्ली ने इन बरसों के दौरान अपने छात्रों में उद्यमशीलता की मजबूत मानसिकता विकसित की और उन्हें लीक से हटकर सोचना तथा अपने नवाचारी विचारों को गढ़ना सिखाया. कहने की जरूरत नहीं कि इसी सबके बूते तो यह संस्थान दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में एक ब्रांड के रूप में अपनी जगह बना पाया है. हाल के दशकों में उसने आला दिमागों को अव्वल किस्म की तालीम दी और सही वक्त पर उन्हें मैदान में उतारकर टेक्नॉलोजी की क्रांतियों की अगुआई करने का मौका दिया.
यह संस्थान कई विषयों में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, रिसर्च और आगे की पढ़ाई के प्रोफेशनल प्रोग्राम उपलब्ध करता है. इसके इंजीनियरिंग के कोर्स तो बेशक लाजवाब हैं लेकिन फिजिकल साइंस का भी अच्छा-खासा मुकाम है. और यहां तक कि मैनेजमेंट, ह्यूमेनिटीज और सोशल साइंस वाले विषयों को भी अच्छी-खासी तवज्जो मिलती है. इसकी स्थापना के बाद 48,000 से ज्यादा ग्रेजुएट संस्थान से पढ़-सीखकर बाहर आ चुके हैं और बी.टेक. की डिग्री के साथ ग्रेजुएट करने वाले छात्रों की संख्या 15,738 है.
इसके पांच प्रोग्राम—इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, मेकैनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग दुनिया भर में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के शीर्ष 100 विषयों में हैं. आइआइटी दिल्ली के कुछेक विभागों का नाम लें जैसे एप्लाइड मेकैनिक्स, केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एनर्जी साइंस और इंजीनियरिंग, मटीरियल्स साइंस और इंजीनियरिंग, तथा टेक्सटाइल और फाइबर इंजीनियरिंग. इन्हीं विभागों में यहां के छात्र भविष्य की टेक्नोलॉजी, अनुसंधान और नवाचार को दिन-रात जीते हैं.
फिलहाल कुल 12,045 छात्रों के साथ संस्थान में करीब 1,798 कोर्स और 26 स्पेशलाइजेशन हैं. कैंपस में कार्यक्रमों, गठबंधनों, सहकारों, उत्कृष्टता केंद्रों, स्टार्ट-अप, इन्क्यूबेटर और बेशक प्लेसमेंट के लिहाज से बहुत कुछ हो रहा है. आइआइटी दिल्ली के डायरेक्टर रंगन बनर्जी कहते हैं, ''कैंपस में पढ़ाई-लिखाई का जबरदस्त माहौल है, जिसमें ध्यान लगातार रिसर्च और इनोवेशन पर है, और यह हमारे इंडस्ट्री-एकेडमिक इंटरफेस को बढ़ाता है.’’
करीब दो साल पहले दो से तीन उत्कृष्टता केंद्र बनाए गए थे और संस्थान ने एनर्जी साइंस और इंजीनियरिंग विभाग भी स्थापित किया. बीते एक साल के दौरान जोड़े गए नए प्रोग्राम और कोर्स में से कुछ हैं—बैचलर इन डिजाइन, और कंप्यूटेशनल मेकैनिक्स और मटीरियल्स साइंस तथा इंजीनियरिंग में बीटेक प्रोग्राम. कुछेक मास्टर्स प्रोग्राम हैं—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स और ई-मोबिलिटी में एमटेक.
बनर्जी कहते हैं, ''स्वच्छ पर्यावरण, भविष्य में ऊर्जा और पानी की जरूरतों, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, भविष्य की स्वास्थ्य सेवा और भारतीय सीमाओं की सुरक्षा संबंधी टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिलचस्प अनुसंधान किए गए.’’ प्रायोजित शोध परियोजनाओं की कुल संख्या 286 है और सलाहकार परियोजनाएं 346 हैं. वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, आंतरिक दहन से होने वाले उत्सर्जन में कमी और प्रदूषकों की रिसेप्टर मॉडलिंग से लेकर हरित इमारतों में ऊर्जा दक्षता, कपड़ों पर आधारित जल छनन प्रणालियों और पेयजल के विसंक्रमण तक शिक्षकों और छात्रों के लिए कभी कोई विषय नीरस पल वाला नहीं होता.
आइआइटी दिल्ली की अगुआई में शोधकर्ताओं के हाथों विकसित एक एआइ/मशीन लर्निंग मॉडल ने उस परियोजना पर काम किया जिसने 2023 में सामान्य मॉनसून की भविष्यवाणी की. शोधकर्ताओं की एक और टीम ने 'रोबोम्यूज 5.0’ नाम का मोबाइल रोबोट विकसित किया जो तमाम उद्योगों के वास्ते 100 किलो तक का भार ढोने के लिए उपयुक्त है. इनोवेटर्स की एक और टीम ने ऐसी परियोजना पर काम किया जो बंद जगहों पर कोविड से संक्रमित होने के अंदेशों का पूर्वानुमान लगा सकती थी.
पिछले साल स्टार्ट-अप और इन्क्यूबेटर क्षेत्र में भी भारी सक्रियता और चहल-पहल देखी गई. मसलन, एम्स दिल्ली के साथ मिलकर इन्क्यूबेट किए गए स्टार्ट-अप मेडिकफाइबर्स ने एक ऐंटी-माइक्रोबियल समाधान विकसित किया जो अस्पताल में होने वाले संक्रमणों से लंबे वक्त की सुरक्षा प्रदान करता है.
गुरु वाणी
‘‘हम एक ऐसा माहौल देते हैं जो छात्रों को उनकी रुचि के मुताबिक चुनाव करने के लिए प्रेरित करता है. यहां पढ़ाई और रिसर्च में जितनी मेहनत शामिल है, उतना ही उत्साह और रोमांच भी’’
रंगन बनर्जी, डायरेक्टर, आइआइटी दिल्ली
कुछ अहम पहल
■ सभी 23 आइआइटी बीते साल अक्तूबर में हुए आरऐंडडी फेयर के लिए पहली बार साथ आए
■ आइआइटी दिल्ली का इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थान को साथ लाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन इंडस्ट्री डे बीते साल दिसंबर में हुआ. इसमें हेल्थ टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल रिसर्च, सस्टेनेबल क्लीन एनर्जी और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं पर भविष्य को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई
पूर्व छात्र की राय
‘‘मैंने आइआइटी दिल्ली चार दशक पहले जॉइन किया था और यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा अनुभव रहा. यहां जो सीखा वह मेरे करियर में तो हर कदम पर काम आया ही, इंजीनयरिंग की दुनिया से इतर भी काम आया’’
नलिन शिंघल, चेयरमैन और एमडी, बीएचईएल, 1985 का बैच
छात्र की राय
‘‘वहां पढ़ने वाले छात्र न केवल पढ़ाई में बेहतरीन हैं बल्कि दूसरे विषयों का भी खूब ज्ञान रखते हैं. यह विविधता एक ऐसे माहौल को जन्म देती है जिसमें हर तरह के विचार को पोषण मिलता है. यहां की सबसे खास बात उन शानदार लोगों का नेटवर्क है जो यहां से पढ़कर निकले हैं’’
संस्कार सोनी, बीटेक केमिकल इंजिनयरिंग, 7वां सेमेस्टर

