'दक्षिण ने मुझे प्यार दिया’

अभिनेत्री पूजा हेगड़े सलमान खान के साथ काम करने से लेकर दक्षिण भारतीय फिल्मों तक के अपने अनुभवों पर.

अभिनेत्री पूजा हेगड़े
अभिनेत्री पूजा हेगड़े

●सलमान खान के साथ काम करने के दौरान आपको क्या-क्या सीखने का मौका मिला?
वही करो जो आपकी गट फीलिंग कहे और सहज बने रहो. आप बहुत तैयारी करके आते हैं और वे कहेंगे, ''कुछ अलग हटकर सोचो, कुछ और बेहतर करो.’’ वे कुछ अच्छा करने के लिए लगातार आपको पुश करते हैं. एक एक्टर के तौर पर मैं अब थोड़ा अधिक सहज हो गई हूं और कई मायनों में जल्द परेशान नहीं होती.

● किसी का भाई, किसी की जान में आपने एक तेलुगु लड़की की भूमिका निभाई है. क्या आपको लगता है कि यह दक्षिण के बाजार में दर्शकों के बीच पैठ बनाने का बॉलीवुड का तरीका है?
मुझे नहीं लगता कि ऐसा जान-बूझकर किया गया है. यह सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि हम इस तरह की कहानी बताना चाहते थे. यह तो बहुत अच्छी बात है कि हम अपनी कहानियों में भारत में रहने वाले अलग-अलग तरह के लोगों को रिप्रेजेंट कर रहे हैं.

● आपको अपने इरादों पर अडिग कहा जा सकता है. आपने मिस इंडिया प्रतियोगिता में दूसरी बार किस्मत आजमाई और सेकंड रनर-अप रहीं. आपकी हिंदी डेब्यू मोहनजोदड़ो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, तो आपने दक्षिण की ओर रुख किया और तहलका मचा दिया.
यह सब माता-पिता से मिला है जो फाइटर हैं. उन्होंने जीवन में संघर्ष किया और अपना करियर बनाया. जीवन जीने का उनका तरीका हमेशा प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने हमेशा मुझे यही बताया कि कोई एक असफलता या सफलता यह तय नहीं करती कि आप क्या हैं.

● आप मुंबई में जन्मी और पली-बढ़ी अभिनेत्री हैं जो तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करने के लिए जानी जाती हैं. क्या आपको लगता है कि भाषाओं की सीमा अब टूट रही है?
अलग-अलग वर्ग के दर्शकों के बीच स्वीकार्यता और उनका मुझे अपना मानना बहुत अच्छा लगता है. मैं तो बस उस दिशा में चलती गई, जहां मेरा काम मुझे ले गया. निश्चित तौर पर हम विभिन्न भाषाओं के अच्छे कंटेंट को खंगाल रहे हैं और उनमें से कुछ अच्छी चीजें निकाल भी रहे हैं. ऐसा होता तो हमेशा से रहा है लेकिन फर्क यही है कि पहले आप क्लाइंट टेस्टिंग को नहीं आजमाते थे.

● अब तक आपने ज्यादातर काम बड़े बैनर और बड़े को-स्टार के साथ किया है. क्या आपको लगता है कि हिंदी में फिल्म चुनने का जो तरीका है, वह दक्षिण की तुलना में अलग है?
मुझे लगता है कि मैं विकल्प चुनने को लेकर अधिक निडर हो रही हूं. दक्षिण ने मुझे प्यार और सम्मान दिया और इसकी वजह से ही मुझे हिंदी में अपनी फिल्में चुनने की ताकत मिली. कुछ ऐसी फिल्में थीं जो मेरे पास आईं लेकिन मैंने ना कह दिया. यकीनन, आप जल्द ही मुझे अलग-अलग चीजें आजमाने की कोशिश करते देखेंगे. और उम्मीद है कि यह सब मुझे सही दिशा में ले जाएगा.

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